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विद्यार्थी के तप की परीक्षा है इण्टर्नशिप - डॉ० पण्ड्या
4-6-2010
विद्यार्थी के तप की परीक्षा है इण्टर्नशिप - डॉ० पण्ड्या
देसंविवि के स्नातक विद्यार्थीयों की ३६ टोलियाँ इण्टर्नशिप के लिए रवाना
नौ राज्यों के तेरह जिलों व पड़ोसी देश में कार्य करेंगें विद्यार्थी
दिनांक ३ जून २०१० को देसंविवि के विद्यार्थीयों की ३६ टोलियाँ इण्टर्नशिप हेतु देश के नौ राज्यों के १३ जिलों में कार्य करेंगी, इनमें उत्तराखण्ड के अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगड़, मध्य प्रदेश एवं पंजाब शामिल हैं ।पड़ोसी देश नेपाल में भी विद्यार्थी अपनी सेवाएँ देंगे ।
देसंविवि के कुलाधिपति डॉ० पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को आगे आकर देश व समाज के उत्थान के लिए कार्य करने की जरुरत है । उन्होंने ने कहा कि, विद्यार्थी का अध्ययनकाल एक तप के समान है, और इण्टर्नशिप तप की परीक्षा है । इस तप को समाज में प्रतिष्ठित करने का कार्य विद्यार्थीयों को स्वयं करना है । कुलाधिपति ने कहा कि विदेशों में युवाओं को भारतीय सभ्यता-संस्कृति से अवगत कराने व उन्हें इससे जोड़ने के लिए विवि के दस भावनाशील व उत्साही युवाओं की एक टीम तैयार किए जाने की योजना है ।
विद्यार्थीयों को विदाई देते हुए शान्तिकुन्ज अधिष्ठात्री शैल जीजी ने कहा कि, विद्यार्थीयों को इण्टर्नशिप के लिए भेजने का उद्देश्य उन्हें जिम्मेदार बनाना है, जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तब उन्हें उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराने का काम अभिभावकों का होता है । जब बच्चे जिम्मेदारी व पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर सफलता हासिल करते हैं,तब अभिभावकों को अपार हर्ष होता है। शैल जीजी ने कहा कि,बच्चे माता पिता का प्रतिबिम्ब होते हैं, इसी तरह विवि के विद्यार्थी अपने कुलपिता कुलमाता का प्रतिबिम्ब हैं । उल्लेखनीय है कि यह इण्टर्नशिप ६ से ३० जून तक चलेगी ।


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